Wednesday, March 2, 2011
About Us
Posted by Chhatrapal Verma at 3:23 AM 0 comments
Friday, September 24, 2010
गुल-ए-गुलज़ार
तबियत बदलने के लिए बदल दिया हमने ये शहर फिर भी
दो पल की मोहब्बत
मेरी नजर मिलते ही उसकी पलकें झुक जाती हैं
न मेरी नजर हटती हैं, न उसकी पलकें उठती हैं
दोनों की जिद में धड़कने ट्रेन की रफ़्तार पकड़ती हैं
फिर में ही नज़र हटा लेता हु उसकी आबरू रखने के लिए
कुछ यु मेरी मोहब्बत रोजाना उसकी हया से मात खाती हैं
और दूरियां कभी दरारों को पैदा नहीं करती
ये तो दिल से दिल मिलने की बात हे मितरा
कभी पास रहकर भी दूरियां घट नहीं पाती
और कभी दूर जाकर भी नज़दीकिया मिट नहीं पाती
ज़िन्दगी तेरे आँचल में आखें रोज़ रो तो सकती हैं, पर हमेशा मुस्कुरा नहीं पाती
और तेरी ठोकरे हमें सयाना तो बना देती हैं, बस फिर से बच्चा नहीं बना पाती
Labels: गुल-ए-गुलज़ार
Posted by Chhatrapal Verma at 12:43 AM 0 comments
Friday, December 5, 2008
FUN MASTI..........

FUN IS A SOURCE OF HAPPINESS ...............
FUN IS END OF WORRINESS ...................
FUN IS A LIFE & LIFE IS A FUN..............
BUT ALL THINGS IS NOT A FUN,,,,,,,,,,,
BUT SOME THINGS A NEED OF FUN,,,,,,,,,,,
JUST LIKE LIFE HAVE FUN,,,,,,,,,,SO,,,,,,,
LETS HAVE A FUN,,,,,,,,,,& GET MORE FUN!!!!!!!!
Labels: Fun Masti
Posted by Chhatrapal Verma at 4:34 AM 0 comments
Saturday, May 3, 2008
प्यार-ही -प्यार
हिचकियों से एक बात का पता चलता है,
कि कोई हमे याद तो करता है,
बात न करे तो क्या हुआ,
कोई आज भी हम पर कुछ लम्हे बरबाद तो करता है
ज़िंदगी हमेशा पाने के लिए नही होती,
हर बात समझाने के लिए नही होती,
याद तो अक्सर आती है आप की,
लकिन हर याद जताने के लिए नही होती
महफिल न सही तन्हाई तो मिलती है,
मिलन न सही जुदाई तो मिलती है,
कौन कहता है मोहब्बत में कुछ नही मिलता,
वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है
Labels: ताजमहल
Posted by Chhatrapal Verma at 5:52 AM 0 comments
मुहब्बत
लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है.
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है.
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.
डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है.
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में.
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.
असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो.
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्श का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम.
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती
सर से पांव तक वह गुलाबों का शजर लगता हे
बा वजू होके भी छूते हुए डर लगता हे
मेरे अन्दर्कोई रहने लगा दुश्मन जानी मेरा
ख़ुद से मिलते हुए तन्हाई मी डर लगता हे
बुत भी रख्खे हें नमजें भी अदा होती हें
दिल मेरा दिल नही अल्लाह का घर लगता हे
मी तेरे साथ सितारों से गुज़र सकता हूँ
कितना आसन मुहब्बत का सफर लगता हे
ज़िंदगी तुने मुझे काबर से कम दी हे ज़मीं
पाऊँ फेलाऊँ तो देवर मी सर लगता हे
Labels: मुहब्बत
Posted by Chhatrapal Verma at 5:48 AM 0 comments
Saturday, April 5, 2008
प्यार की दास्तान
कितनी जल्दी ये मुलाक़ात गुज़र जाती है
प्यास भुजती नही बरसात गुज़र जाती है
अपनी यादों से कह दो कि यहाँ न आया करे
नींद आती नही और रात गुज़र जाती है
उमर की राह मे रस्ते बदल जाते हैं,
वक्त की आंधी में इन्सान बदल जाते हैं,
सोचते हैं तुम्हें इतना याद न करें,
लेकिन आंखें बंद करते ही इरादे बदल जाते हैं
कभी कभी दिल उदास होता है
हल्का हल्का सा आँखों को एहसास होता है
छलकती है मेरी भी आँखों से नमी
जब तुम्हारे दूर होने का एहसास होता है
Success is not a matter of being the best & winning the race;
Success is a matter of handling the worst & still finishing the race..!
Labels: प्यार
Posted by Chhatrapal Verma at 2:34 AM 0 comments
Saturday, March 29, 2008
Love Name
Romeo once claimed that a name did not mean anything much, and that a rose would smell just as sweet if it was called by any other name. Modern day lovers however would beg to differ.
Romeo once claimed that a name did not mean anything much, and that a rose would smell just as sweet if it was called by any other name. Modern day lovers however would beg to differ. There is quite a lot of importance attached to a name in the first place and a love name (names that lovers put for each other), is only even more crucial to the relationship.
Labels: FRIENDS LOVE
Posted by Chhatrapal Verma at 6:12 AM 0 comments


